पुखरायां रेल हादसे में मरने वालों की संख्या सवा सौ के पार पहुंच चुकी है, 300 से ज्यादा लोग अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, लेकिन अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि ये हादसा था या फिर लापरवाही और अगर ये लापरवाही थी तो इसे हत्याकांड क्यों नहीं कहा जा सकता? अमर उजाला टीवी ने इसके पीछे की वजहों को तलाशने की कोशिश की।