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Humayun Kabir's Son Arrested: पुलिस हिरासत में हुमायूं कबीर का बेटा, PSO के साथ मारपीट का आरोप

Sun, 28 Dec 2025 09:35 PM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक और जन उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इस बार मामला उनके बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन से जुड़ा है, जिस पर उनके ही व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के साथ कथित रूप से मारपीट करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में हुमायूं कबीर के बेटे को हिरासत में ले लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।

मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार सुबह जन उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के पीएसओ कांस्टेबल जुम्मा खान सक्तिपुर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पीएसओ ने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन ने उनके साथ मारपीट की। पीएसओ के अनुसार, उन्होंने निजी कारणों से घर जाने के लिए छुट्टी मांगी थी, जिस पर रॉबिन ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह घटना हुमायूं कबीर के ग्राउंड फ्लोर स्थित ऑफिस में हुई, जो सक्तिपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मामले की जांच के लिए मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को मुख्य आरोपी पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर सक्तिपुर थाने ले गई। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर हुमायूं कबीर ने पुलिस और तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हुमायूं कबीर ने कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस टीएमसी के इशारे पर बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के उनके घर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की। हुमायूं कबीर ने दावा किया कि इसी दौरान उनके बेटे ने पुलिस को घर से बाहर धकेल दिया।

हुमायूं कबीर ने कहा, “बिना किसी नोटिस या इजाजत के पुलिस मेरे घर आई, खासतौर पर वहां बने ऑफिस में। पुलिस मुझे गिरफ्तार करना चाहती थी। उस वक्त मेरे बेटे ने उन्हें घर से बाहर कर दिया। यह सब कुछ सीसीटीवी में रिकॉर्ड है और मैं इसका सबूत पेश करूंगा।” उन्होंने एलान किया कि इस कथित राजनीतिक उत्पीड़न के खिलाफ वे गुरुवार दोपहर 12 बजे मुर्शिदाबाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करेंगे और पुलिस से जवाब मांगेंगे कि आखिर किस आधार पर उनके घर पर दबिश दी गई।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई की है और पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है और किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करना राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं माना जा सकता।

गौरतलब है कि हुमायूं कबीर हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए गए थे। मुस्लिम-बहुल मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद की नींव रखने के एलान के बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया था। इसके बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जन उन्नयन पार्टी का गठन किया और घोषणा की कि उनकी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में हिस्सा लेगी।

इस ताजा मामले ने न सिर्फ हुमायूं कबीर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि मुर्शिदाबाद की राजनीति को भी एक बार फिर गर्मा दिया है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और हुमायूं कबीर के प्रस्तावित घेराव पर टिकी हैं।

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