3रूस में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पूर्वी तट के पास 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद इलाके में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने भूकंप की तीव्रता सात मापी। एनसीएस के मुताबिक, भूकंप सुबह आठ बजकर सात मिनट पर आया। इसका केंद्र जमीन से 60 किलोमीटर गहराई में था। जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (GFZ) ने भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में बताया, जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी तीव्रता 7.4 बताई और केंद्र 39.5 किलोमीटर की गहराई में बताया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के हवाले से बताया गया कि कामचटका के दक्षिण-पश्चिम में स्थित जापान ने कोई सुनामी चेतावनी जारी नहीं की है।अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक, शनिवार तड़के रूस के कामचटका क्षेत्र के पूर्वी तट के पास 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से 111.7 किमी पूर्व में और 39 किमी की गहराई में था। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने चेतावनी दी है कि भूकंप से सुनामी आ सकती है।
अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। यह भूकंप उसी क्षेत्र में आया, जहां जुलाई में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके बाद पूरे प्रशांत क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।जुलाई में कामचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था. जिससे प्रशांत महासागर में 4 मीटर ऊंची सुनामी लहरे उठीं. यह भूकंप अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था. इसकी वजह से हवाई, जापान और अन्य तटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया. जापान में करीब 20 लाख लोगों को ऊंचे इलाकों में जाने का आदेश दिया गया. हालांकि बाद में चेतावनी वापस ले ली गई.कामचटका प्रायद्वीप एक ऐसा इलाका है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं. जुलाई में आए भूकंप की वजह से रूस, अमेरिका, जापान, हवाई, चिली, कोस्टा रिका और अन्य देशों में भी सुनामी की चेतावनी जारी हुई थी. कामचटका में 1952 में 9.0 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया था, जो अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जाता है.
तीव्रता के आधार पर भूंकप की पहचाना
3 से 4.9 तीव्रता वाले भूकंप को छोटा माना जाता है, जबकि 5 से 6.9 मध्यम से तीव्र की श्रेणी में रखा गया है. वहीं, 7 से 7.9 मेजर और 8 या इससे अधिक अत्यंत शक्तिशाली भूकंप होता है.दरअसल, पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है. ये प्लेटें बहुत ही धीमी गति से घूमती रहती हैं और हर साल 4 से 5 मिमी खिसकती रहती हैं. घूमते समय ही कोई प्लेट अगर किसी से ज्यादा दूर पहुंच जाती है या फिर नीचे खिसकती है तो वे एक-दूसरे से टकरा जाती हैं. टकराते समय उर्जा निकलती है, जिसे भूकंप कहा जाता है.पृथ्वी कुल सात भूखंडों से मिलकर बनी है. इसमें भारतीय-आस्ट्रेलियाई भूखंड, उत्तर अमेरिकी भूखंड, प्रशांत महासागरीय भूखंड, दक्षिण अमेरिकी भूखंड, अफ्रीकी भूखंड, अन्टार्कटिक भूखंड, यूरेशियाई भूखंड शामिल है.