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Donald Trump India Visit: क्या भारत के दौरे पर आने वाले हैं ट्रंप ? कर दिया ये बड़ा एलान

Fri, 07 Nov 2025 10:28 AM IST
साहिल सुयाल वीडियो डेस्क,अमर उजाला

वॉशिंगटन की ठंडी सुबह में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मीडिया से मुखातिब हुए, तो किसी ने उनसे सहज ही पूछ लिया  “क्या आप भारत जाने वाले हैं?” ट्रंप मुस्कुराए, थोड़ी देर रुके और बोले “हो सकता है, हां।” और इसी एक वाक्य ने वैश्विक राजनीति की दिशा में फिर से हलचल पैदा कर दी। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि उनके और मोदी के बीच बातचीत “बेहद अच्छी चल रही है” और वे जल्द ही भारत दौरे पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा, “मोदी मेरे दोस्त हैं, हम बात करते रहते हैं, और उन्होंने मुझे भारत आने का न्योता दिया है। हम तारीख तय करेंगे... प्रधानमंत्री मोदी एक महान व्यक्ति हैं, और मैं भारत जाऊंगा।” यह कोई साधारण बयान नहीं था। 2020 के बाद पहली बार ट्रंप ने खुले तौर पर भारत दौरे की इच्छा जताई है, और वह भी ऐसे समय में जब दुनिया दो ध्रुवों में बंटी नज़र आ रही है एक तरफ रूस-चीन गठबंधन, और दूसरी तरफ अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी देश, जिनमें भारत की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है।

ट्रंप ने कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है। उन्होंने इसे “सकारात्मक संकेत” बताया और कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, “मोदी एक दूरदर्शी नेता हैं, जो भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं।” ट्रंप के इस बयान के बीच एक और दिलचस्प बात सामने आई उन्होंने माना कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “ट्रेड के कुछ मुद्दों पर हमारे बीच असहमति है, लेकिन हमारी टीमें इस पर काम कर रही हैं।” अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजारों को और अधिक खोले, विशेष रूप से कृषि और तकनीकी क्षेत्र में। वहीं भारत की अपेक्षा है कि अमेरिका उसकी कंपनियों को कर राहत और कुछ कस्टम्स में रियायत दे। यह tug of war नई नहीं है। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी यही मुद्दे चर्चा में रहे थे। उस समय दोनों देशों के बीच कई व्यापारिक प्रस्ताव टेबल पर आए, लेकिन कुछ मतभेदों के कारण समझौते अधूरे रह गए।

अब जबकि ट्रंप फिर से सक्रिय राजनीतिक भूमिका में लौटे हैं, उन्होंने इस व्यापारिक साझेदारी को “दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक अवसर” बताया है। उनका कहना है कि अगर भारत और अमेरिका व्यापार के मोर्चे पर साथ आते हैं, तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में नया संतुलन बन सकता है।पिछले कुछ महीनों से ट्रंप भारत-रूस तेल व्यापार पर लगातार बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब रूस से तेल की खरीद को सीमित करेगा और यह अमेरिका-भारत संबंधों के लिए “सकारात्मक कदम” होगा। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की यह टिप्पणी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। रूस और चीन के बीच बढ़ती नज़दीकियों के बीच ट्रंप चाहते हैं कि भारत पश्चिमी देशों के साथ अपना गठबंधन और मजबूत करे।

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