इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी की हत्या के मामले ने देशभर को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने इस हनीमून ट्रैजेडी को एक सुनियोजित साजिश में बदल दिया है। राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी को इस हत्या का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, और मेघालय पुलिस ने इस जघन्य अपराध की तह तक पहुंचने के लिए ‘ऑपरेशन हनीमून’ नाम से विशेष जांच अभियान चलाया।
मेघालय पुलिस प्रमुख एल. नोंगरांग ने बुधवार को बताया कि दंपती ने सोहरा स्थित एक होमस्टे में जो सूटकेस छोड़ा था, उसमें मिला सोनम का मंगलसूत्र और एक अंगूठी इस केस का पहला बड़ा सुराग बना। डीजीपी ने कहा, “एक विवाहित महिला द्वारा विवाह के प्रतीकों को छोड़ जाना हमारे लिए एक अहम संकेत था, जिससे जांच सोनम पर केंद्रित हुई।”
राजा और सोनम 11 मई को विवाह बंधन में बंधे थे और 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय पहुंचे थे। 23 मई को दोनों नोंग्रियात गांव से चेक आउट करने के बाद लापता हो गए। राजा का शव 2 जून को एक झरने के पास गहरी खाई में मिला, जबकि सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली।
जांच में पता चला कि हत्या 23 मई को सोहरा लौटते समय की गई, जहां एक टूर गाइड ने दंपती को तीन हिंदी भाषी पुरुषों के साथ देखा था। इन्हीं तीन सुपारी किलर्स ने, सोनम और उसके प्रेमी राज के इशारे पर, राजा की हत्या कर दी। शिलांग की अदालत ने सोनम, राज और तीनों किलर्स को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
एक अन्य चौंकाने वाला पहलू यह था कि दंपती ने मेघालय यात्रा की कोई तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा नहीं की थी। यह बात पुलिस को संदिग्ध लगी और इसके बाद 42 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर गतिविधियों की जांच शुरू हुई। हत्या के बाद भी राजा के सोशल मीडिया अकाउंट से रात 2:15 बजे पोस्ट किए गए मैसेज जांच को और गहराते हैं, जो गुमराह करने के मकसद से किए गए थे।
पुलिस का दावा है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं, जिससे आरोपियों द्वारा इनकार की कोई संभावना नहीं बचती।