पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुड़ उद्योग पर भी नोटबंदी की मार का असर दिखाई पड़ने लगा है। किसान कोल्हू मालिकों को गन्ना नहीं दे रहे, क्योंकि उन्हें चाहिए नकद रुपये, लेकिन नोटबंदी की वजह से कोल्हू मालिकों रुपयों की किल्लत का सामना कर रहे हैं। नतीजा ये हो रहा है कि कमाई के सीजन में घाटे का सामना करना पड़ रहा है।