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Delhi Red Fort Blast: गिरफ्तारी के डर से हड़बड़ी में किया ब्लास्ट, Dr. उमर की मौत पर सस्पेंस बरकरार।

Wed, 12 Nov 2025 10:54 AM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर जांच में नया मोड़ आ गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके को अंजाम देने वाला आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। सूत्रों की मानें तो फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश होने के बाद वह गिरफ्तारी के डर से हड़बड़ी में दिल्ली पहुंचा और वहां विस्फोट कर दिया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां सच्चाई का पता लगाने के लिए कई पहलुओं पर जांच कर रही है।सूत्रों के अनुसार, उमर मोहम्मद कुछ दिन पहले तक फरीदाबाद में ही सक्रिय था। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के उजागर होते ही एजेंसियों ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। बताया जा रहा है कि जब मॉड्यूल का खुलासा हुआ, उस समय उमर उसी इलाके में मौजूद था।एजेंसियों की कार्रवाई की भनक लगते ही उसने फरीदाबाद से भागकर दिल्ली का रुख किया और विस्फोटक सामग्री लेकर लाल किले की ओर पहुंच गया। एजेंसियों को आशंका है कि उमर ने घटना को हड़बड़ी और दहशत में अंजाम दिया। उसे डर था कि एजेंसियां उसके करीब पहुंच चुकी हैं और किसी भी समय उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। इसलिए उसने अपने आकाओं को दिखाने के लिए कार में विस्फोटक लगाकर धमाका कर दिया।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आतंकी उमर कार में अकेला था। उसने अपने साथियों की मदद से कार में पहले से विस्फोटक फिट किया था। पुलिस को कार के अंदर भी शव के चीथड़े मिले हैं। धमाके से पहले के सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति को काले रंग का मास्क पहने कार में बैठते देखा गया है। एजेंसियों का मानना है कि यह व्यक्ति उमर ही है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि कार में मौजूद व्यक्ति वही आतंकी उमर था, लेकिन इसकी पुष्टि अभी बाकी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले शव के अंशों को जांच के लिए भेजा है। डीएनए जांच से यह पता लगाया जाएगा कि क्या विस्फोट में मारा गया व्यक्ति डॉक्टर उमर मोहम्मद ही था। जांच एजेंसियां अब यह भी तलाश रही हैं कि उमर किन लोगों के संपर्क में था और क्या दिल्ली में उसके कोई ठिकाने थे। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या किसी स्थानीय व्यक्ति या मॉड्यूल ने उसे मदद की थी। एजेंसी का मानना है कि धमाके में स्थानीय व्यक्ति भी उमर के साथ था। दिल्ली में लाल किले के पास लाल बत्ती पर हुए ब्लास्ट में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। धमाके में इस्तेमाल आई20 कार फरीदाबाद के डीलर से चार दिन पहले ही खरीदी गई थी। डीलर को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई है।फरीदाबाद के सेक्टर 37 में रॉयल कार जोन के कार डीलर सोनू का ऑफिस है। इसने ओएलएक्स पर कार सेल की विज्ञापन पोस्ट किया था। इसके बाद कार बिकी।


फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि सोनू को पकड़कर दिल्ली स्पेशल सेल के हवाले कर दिया गया है।लाल किले के सामने जिस आई-20 कार में धमाका हुआ है वह वह हरियाणा की है। ये कार गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ पर यह कार रजिस्टर्ड बताई जा रही है। यह एक साल में सात बार बेची जा चुकी है। पुलिस ने पुष्टि की कि यह धमाका सुनियोजित आतंकी साजिश का नतीजा था। मौके से बरामद मलबे में आईईडी के अवशेष मिले हैं। खास बात ये है कि जिस जगह धमाका हुआ है वहां न तो गड्ढा हुआ और न ही मृतों के शरीर काले पड़े हैं। एनआईए, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और फोरेंसिक टीमें मिलकर पूरे इलाके की गहन जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस आतंकी मॉड्यूल की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार के पिछले हिस्से में धमाका हुआ इै। पिछले हिस्से में आईईडी छिपाने की संभावना होती है। कार का नंबर प्लेट HR 26 थी।जिस कार एचआर-26-सीई 7674 से धमाका हुआ, उसका रजिस्ट्रेशन गुरुग्राम, हरियाणा निवासी सलमान के नाम है। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि कार ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दी थी। देवेंद्र ने उसे अंबाला में किसी तीसरे को बेच दिया। वहां से कार पुलवामा निवासी तारिक को बेच दी गई थी।

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