देश की राजधानी दिल्ली में बीते कल से राज्य सरकार ने 'नो फ्यूल फॉर ओल्ड व्हीकल्स' पॉलिसी को लागू कर दिया है. इस नियम के तहत एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) कैटेगरी में आने वाले 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को फ्यूल नहीं दिया जाएगा. नए नियम का सख्ती से पालन कराने के लिए कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM), ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) और दिल्ली पुलिस सहित अन्य प्रवर्तन एजेंसियों की टीमें दिल्ली पुलिस सहित अन्य प्रवर्तन एजेंसियों की टीमें दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर कड़ी निगारानी कर रही हैं. अब सवाल ये है कि नो फ्यूल टू ओल्ड कार वाला नियम क्या NCR में भी लागू किया जाएगा? बता दें कि, इस नए नियम को फिलहाल केवल दिल्ली में लागू किया गया है
. जिसके तहत केवल दिल्ली के पेट्रोल पंपो पर ही ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजेशन ANPR) कैमरे लगाए गए हैं और निगरानी की जा रही है. नियम के अनुसार दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर (EOL) कैटेगरी के किसी भी पुराने वाहन, चाहे उनका रजिस्ट्रेशन किसी भी राज्य में हुआ हो उन्हें फ्यूल की आपूर्ति नहीं की जाएगी. लेकिन आगामी 1 नवंबर से दिल्ली के आसपास के इलाकों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोनीपत के पेट्रोल पंपों पर भी इन कैमरों को लगाने की योजना है. हालांक अभी इन शहरों में ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है. दिल्ली के बाहर पुराने वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. लेकिन आने वाले समय में ऐसे पुराने वाहन मालिकों को तैयार रहना चाहिए और या तो अपने वाहनों को नियमानुसार दूसरे राज्यों में बेच दें या फिर स्क्रैप में भेज दें. वहीं राहत के लिए मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू नए नियम पर दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन कोर्ट पहुंच गई।
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने मामले को सितंबर महीने में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ऐसे निर्देशों को लागू करना पेट्रोल पंप मालिकों की जिम्मेदारी नहीं है, क्योंकि वे कोई राज्य एजेंसी नहीं हैं और न ही उनके पास कानून प्रवर्तन की वैधानिक शक्ति है। दरअसल दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 जुलाई 2025 से राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन न दें। यह निर्णय सीएक्यूएम के आदेश पर लिया गया है।