दिल्ली एनसीआर में सोमवार यानि आज को मूसलाधार बारिश होने के पूरे पूरे आसार है। आज आंधी-तूफान के साथ ही भारी बारिश दिल्ली एनसीआर में जमकर लोगों को भीगोने वाली है। ऐसे में स्कूल कॉलेज जाने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. जो लोग ऑफिस के लिए निकलेंगे, उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि मौसम कितने बजे करवट लेगा और कब आंधी-तूफान के साथ ही बारिश का ट्रिपल अटैक होगा इसका अलर्ट मौसम बिगड़ने के साथ ही जारी किया जाएगा, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग सोमवार का अभी से ही येलो अलर्ट जारी कर दिया है.
इसका मतलब होता है कि लोग सावधानी बरतें. घरों से बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकलें. बारिश होने पर किसी टीन शेड या पेड़ के नीचे ना खड़े हों. कोशिश करें, सुरक्षित जगहों के नीचे खड़े होने की. आंधी-तूफान के वक्त ड्राइव ना करें और तो और घरों की खिड़की दरवाजों को भी बंद रखें. क्योंकि धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है, जिस वजह से दिन में अंधेरा छाए रहने का भी पूर्वानुमान है.भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार-सोमवार के बीच की रात में दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज बारिश और 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।सबसे बड़ा पूर्वानुमान मौसम का यह है कि इस बारिश की वजह से तापमान में पूरे 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने का पूर्वानुमान है. अधिकतम तापमान जो अभी 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. अब वो गिरकर 28 से लेकर 30 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. न्यूनतम तापमान भी 22 से 24 डिग्री सेल्सियस से करीब बना रहेगा. कुल मिलाकर कह सकते हैं कि मौसम ठंडा और सुहावना हो जाएगा.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके जेनामणि के मुताबिक फिलहाल 7 अक्टूबर को भी बारिश होने की संभावना जताई गई है. जबकि 8 अक्टूबर और 9 अक्टूबर को बादल छाए रहेंगे. 10 और 11 अक्टूबर को धूप रहने का पूर्वानुमान है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं और आंधी-तूफान भी चल सकते हैं। ऐसे में घर से निकलने से पहले सारी सुरक्षा संबंधी तैयारियां करके ही बाहर निकलें। ये आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। दिल्ली में जब भी मूसलाधार बारिश होती है तो सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि सड़कों पर जलभराव हो जाता है और तमाम रास्ते ब्लॉक हो जाते हैं। इसकी वजह से सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है और यातायात व्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ता है। बारिश के दौरान कई जगह जलभराव की वजह से जान जाने का भी खतरा रहता है क्योंकि कई बार पानी में करंट उतर आता है और कई बार लोगों को गहराई का अंदाजा नहीं होता और वह डूब भी जाते हैं। पहले इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां करंट लगने से और पानी में डूबने से लोगों की मौत हुई है। अंडरपास के नीचे जो पानी भरता है, वह सबसे ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि उसमें घुसने वाली गाड़ियों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। बता दें कि दिल्ली कुछ समय पहले ही बाढ़ के खतरे से बाहर निकली है। यहां यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था, जिसके बाद निचले इलाकों को खाली कराया गया था और पुलिस और प्रशासन अलर्ड मोड में था।