दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब में हुए दर्दनाक भवन हादसे ने एक बार फिर नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस इमारत में ये हादसा हुआ, वो चार साल पहले तक केवल चार मंजिला थी, लेकिन आरोप है कि बाद में नियमों को दरकिनार कर इसमें अवैध रूप से दो और मंजिलें जोड़ दी गईं। इतना ही नहीं, सातवीं मंजिल के निर्माण की तैयारी भी चल रही थी। घटना के समय भवन में 25 से 30 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पूरी इमारत भरभराकर ढह गई, जिससे कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका है। हादसे में एक युवक की मौत हो गई है और करीब आठ लोग घायल हैं... बता दें कि हादसे ने अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है...