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पंजाब में बाढ़ पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की मिशन ‘चढ़ती कला’ की शुरुआत, लोगों से की ये अपील

Wed, 17 Sep 2025 05:28 PM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

पंजाब एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। राज्य में भारी बारिश और नदियों में आई बाढ़ ने ऐसे निशान छोड़े हैं, जिन्हें मिटाना आसान नहीं होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस स्थिति को पंजाब के इतिहास का सबसे कठिन इम्तिहान करार दिया है।

पंजाब में अब तक 2300 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। करीब 7 लाख लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। खेत-खलिहान पानी में डूब चुके हैं, घर टूटकर खंडहर बन गए हैं और गांव के गांव वीरान हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8500 किलोमीटर सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं और 2500 से ज्यादा पुल और संपर्क मार्ग बह गए हैं। शिक्षा क्षेत्र पर भी बाढ़ का गहरा असर पड़ा है 3200 स्कूल और 19 कॉलेज खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। इसके अलावा 1400 क्लीनिक और कई सरकारी-गैर सरकारी इमारतें भी नुकसान की चपेट में आ गई हैं।

अब तक की रिपोर्ट में 56 लोगों की मौत दर्ज की गई है। शुरुआती आकलन बताता है कि बाढ़ ने पंजाब को करीब 13,800 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। हालांकि मान का कहना है कि पानी उतरने के बाद जब विस्तृत सर्वे होगा, तो नुकसान का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के पुनर्निर्माण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए “मिशन चढ़दी कलां” का एलान किया है। इस मिशन के तहत उन्होंने उद्योगपतियों, चैरिटेबल ट्रस्टों, कलाकारों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे पंजाब को फिर से खड़ा करने में योगदान दें।

मान ने भरोसा दिलाया कि राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए मिलने वाला हर दान पारदर्शी तरीके से खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग rangla.punjab.gov.in वेबसाइट पर जाकर बाढ़ राहत और मिशन चढ़दी कलां से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं।

सीएम मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से मुश्किल घड़ियों में मजबूती से खड़ा रहा है। चाहे आज़ादी की लड़ाई हो, हरा-भरा पंजाब बनाने की जिम्मेदारी हो या फिर आतंकवाद के खिलाफ जंग पंजाब ने हर बार डटकर हालात का सामना किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी पंजाब नई ऊर्जा और उत्साह के साथ खड़ा होगा और बाढ़ पीड़ितों को उनका हक और सहारा मिलेगा।

पंजाब की मौजूदा स्थिति किसी आपातकाल से कम नहीं है। बाढ़ ने न सिर्फ बुनियादी ढांचे को तोड़ा है, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगी को भी हिला दिया है। मुख्यमंत्री की अपील और “मिशन चढ़दी कलां” राज्य के लिए उम्मीद की नई किरण है। अब यह देखना होगा कि सरकार, समाज और आम नागरिक मिलकर इस आपदा को कितनी जल्दी राहत और पुनर्निर्माण में बदल पाते हैं।
 

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