फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश के कई एयरपोर्ट्स पर चेक-इन सिस्टम फेल

Wed, 03 Dec 2025 02:45 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

देशभर के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर सोमवार सुबह अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। चेक-इन काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं और कई उड़ानों के संचालन में देरी की पुष्टि की गई है। एयरलाइन कंपनियों के अनुसार यह समस्या चेक-इन सिस्टम को प्रभावित करने वाली बड़ी तकनीकी दिक्कत का नतीजा है, जिसके कारण एयरपोर्ट्स पर आम दिनों की तुलना में अधिक भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिली।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। एयरलाइन ने कहा कि तकनीकी दिक्कत किसी आंतरिक खराबी के कारण नहीं बल्कि थर्ड-पार्टी सिस्टम में आई गड़बड़ी की वजह से सामने आई। इस फेल्योर ने चेक-इन प्रक्रिया को धीमा कर दिया, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएँ प्रभावित हुईं। एयर इंडिया ने बताया कि तकनीकी टीम ने समस्या का समाधान शुरू कर दिया है और सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह दुरुस्त होने में कुछ समय और लग सकता है।

ऐसी परिस्थिति में एयर इंडिया समेत कई अन्य एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने निर्धारित समय से काफी पहले एयरपोर्ट के लिए निकलें। एयरलाइन ने कहा कि जो यात्री आज उड़ान भरने वाले हैं, वे फ्लाइट स्टेटस को आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जरूर जांच लें। एयर इंडिया ने यात्रियों के धैर्य और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है और भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।

सुबह से ही देश के कई एयरपोर्ट्स दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता पर भारी भीड़ देखने को मिली। चेक-इन सिस्टम में देरी के चलते व्हीलचेयर यात्रियों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिजनों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। सुरक्षा जांच पर भी लंबी कतारों का दबाव बढ़ता गया, जिससे एयरपोर्ट प्रबंधन को अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करनी पड़ी।

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की दिक्कत से हवाई सेवाएं ठप हुई हों। नवंबर की शुरुआत में भी ऐसी तकनीकी बाधा ने देश के विमानन क्षेत्र को झकझोर दिया था। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ही दिन में करीब 800 उड़ानें प्रभावित हुई थीं। पहले इसे एटीसी के ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम की खराबी बताया गया था, लेकिन सरकार ने संसद में लिखित रूप से स्वीकार किया कि देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर GPS Spoofing के मामले सामने आए थे। इसका मतलब है कि कई विमानों को गलत लोकेशन सिग्नल मिलने का खतरा था, जिससे उड़ानों की निगरानी और सुरक्षा प्रभावित हुई थी।

फिलहाल तकनीकी टीम लगातार सिस्टम को स्थिर करने में जुटी है। एयरलाइंस यात्रियों को अपडेट दे रही हैं और यात्रियों से अपील है कि वे किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त समय लेकर ही एयरपोर्ट पहुंचे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें