नोटबंदी शुरू हुए भले ही 60 दिन हो गए हों लेकिन कैश की किल्लत से लोग अब भी जूझ रहे हैं। बागपत में गन्ने की खेती छोड़कर गाजर उगाने वाले किसानों पर तो नोटबंदी बहुत भारी पड़ रही है। गाजर किसानों का कहना है कि बाजार में नोट न होने की वजह से उनकी फसल को या तो खरीदार नहीं मिल रहे हैं या फिर 1500 रुपये पर बिकने वाली बोरी 400 या 500 रुपये में बेचनी पड़ रही है।