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मीठी- मीठी गाजर किसानों को क्यों लग रही खट्टी

मदन बालियान, कुलदीप निषाद, अमर उजाला टीवी / बागपत Updated Sat, 07 Jan 2017 03:46 PM IST

नोटबंदी शुरू हुए भले ही 60 दिन हो गए हों लेकिन कैश की किल्लत से लोग अब भी जूझ रहे हैं। बागपत में गन्ने की खेती छोड़कर गाजर उगाने वाले किसानों पर तो नोटबंदी बहुत भारी पड़ रही है। गाजर किसानों का कहना है कि बाजार में नोट न होने की वजह से उनकी फसल को  या तो खरीदार नहीं मिल रहे हैं  या फिर 1500 रुपये पर बिकने वाली बोरी 400 या 500 रुपये में बेचनी पड़ रही है।
 

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