उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। शनिवार को नामांकन की प्रक्रिया के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि संगठन का नया चेहरा कौन होगा। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शुक्रवार दोपहर राजधानी पहुंचे और सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक विस्तृत चर्चा चली। इसके बाद उन्होंने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में चुनावी तैयारियों पर महत्वपूर्ण बैठक की अगुआई की।
पार्टी के प्रदेश चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने शुक्रवार को चुनाव संबंधी विस्तृत कार्यक्रम जारी किया। उनके मुताबिक शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के लिए नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। अगले दिन यानी रविवार को जरूरत पड़ने पर मतदान कराया जाएगा। यदि मतदान की आवश्यकता न पड़ी तो रविवार दोपहर एक बजे नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
इधर, प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा खेमे में कयासों का दौर तेज है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी विपक्ष के पीडीए मोर्चे की रणनीति को देखते हुए इस बार भी ओबीसी चेहरे पर दांव लगा सकती है। चर्चा में शामिल नामों में केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सबसे आगे बताए जा रहे हैं। उनके अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, राज्यसभा सांसद बाबू राम निषाद, रेखा वर्मा और साध्वी ज्योति निरंजन जैसी प्रमुख हस्तियों के नाम भी संभावित दावेदारों की सूची में शामिल हैं।
यह भी बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात तक मतदाताओं की अंतिम सूची को बीएल संतोष ने स्वयं फाइनल किया। इस सूची में कुल 464 मतदाता शामिल किए गए हैं। इनमें पाँच सांसद, 26 विधायक, आठ विधान परिषद सदस्य और 425 प्रांतीय परिषद के सदस्य तथा जिला अध्यक्ष शामिल हैं। भाजपा के विधानमंडल दल के सदस्यों की संख्या के अनुसार 10 प्रतिशत और यूपी कोटे के लोकसभा व राज्यसभा सांसदों में से भी दस लोग इस सूची में शामिल किए गए हैं।
इसके साथ ही केंद्रीय चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 14 दिसंबर को प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे। रविवार को होने वाला चुनाव डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में संपन्न कराया जाएगा। शुक्रवार को प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने पूरी चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और जिम्मेदारियां तय कीं।
पार्टी ने चुनाव को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए दोनों उप मुख्यमंत्रियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। शनिवार को नामांकन प्रक्रिया की व्यवस्था की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश महामंत्री संजय राय को दी गई है। रविवार को मतदान प्रबंधन की कमान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला संभालेंगे।
रविवार को केंद्रीय पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्षों समेत करीब 3500 पदाधिकारियों को आंबेडकर सभागार में बुलाया गया है। इतने बड़े स्तर पर भागीदारी से यह साफ है कि भाजपा संगठन इस चुनाव को महज औपचारिकता न मानकर भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाले अहम चरण के रूप में देख रहा है।
अब सबकी निगाहें शनिवार के नामांकन और रविवार की घोषणा पर टिकी हैं खासकर इस बात पर कि क्या भाजपा वास्तव में एक बार फिर ओबीसी नेतृत्व पर भरोसा जताती है या किसी नए समीकरण का रास्ता खोलती है।