राजद की बैठक संपन्न होने के बाद RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, ".बैठक में सब लोगों ने तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया है। समीक्षा बैठक में स्पष्ट तौर पर सभी ने अपनी बातें रखी हैं। जनादेश पर भी लोगों ने राय प्रकट की.जो जनादेश आया है, उसे ना बिहार की आवाम हजम कर रही है ना नेता हजम कर रहे हैं
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की हालिया समीक्षा बैठक बिहार विधानसभा चुनाव में हुई हार के कारणों पर गहन मंथन के लिए तेजस्वी यादव के एक पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर हुई। इस बैठक में पार्टी के निर्वाचित विधायकों के साथ-साथ हारे हुए उम्मीदवारों ने भी भाग लिया और चुनावी नतीजों की अप्रत्याशित तस्वीर सामने रखी। बैठक में सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना गया। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी बैठक में मौजूद रहीं, जहाँ लालू यादव ने तेजस्वी को पार्टी का 'वर्तमान और भविष्य का नेता' बताया और उनके नेतृत्व में भरोसा जताया। हालांकि, लालू यादव और राबड़ी देवी हार के कारणों की समीक्षा पूरी होने से पहले ही बैठक छोड़कर निकल गए, जिस पर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई गईं। बैठक में कई विधायकों और प्रत्याशियों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर गंभीर आरोप लगाए, जिनमें मतदान के दौरान पैसे बांटने और जीविका दीदियों के वोट खरीदने जैसे दावे शामिल थे। वहीं, कुछ नेताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया और चुनावी नतीजों को 'मशीनरी प्रबंधन' का परिणाम बताया। इस बैठक के बाद राबड़ी देवी के आवास के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं ने सांसद संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी भी की, जिससे पार्टी में आंतरिक असंतोष सामने आया। कुल मिलाकर, बैठक का उद्देश्य हार की समीक्षा करना, तेजस्वी यादव को नेता चुनना और भविष्य की रणनीति पर विचार करना था, हालांकि इसमें पारिवारिक और आंतरिक मतभेद भी खुलकर सामने आए।