महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चल रही खींचतान क्या खत्म हो गई? तेजस्वी अपने सहयोगियों को मना लिया? बिहार चुनाव के लिए महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर घटक दलों के बीच बुधवार को भी कई दौर की बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी ने सीएम उम्मीदवार के के तौर पर तेजस्वी यादव का नाम प्रस्तावित किया है. आरजेडी ने तीन डिप्टी सीएम (आरजेडी, कांग्रेस और वीआईपी से एक-एक) का फॉर्मूला रखा है। हालांकि, वीआईपी और भाकपा माले की सीटों की संख्या पर कल सहमति नहीं बन पाई थी। कांग्रेस नेताओं के दिल्ली में होने के कारण इस पर भी चर्चा नहीं हो सकी।आरजेडी के इस प्रस्ताव के तहत आरजेडी, कांग्रेस और वीआईपी से एक-एक डिप्टी सीएम बनाने का सुझाव दिया गया । वीआईपी पार्टी ने कुल 12 सीटों पर दावा किया है, लेकिन वीआईपी की 6 ऐसी सीटें भी हैं, जिन पर सहयोगी दलों की सिटिंग सीटें हैं। इन 6 सीटों में आरजेडी, कांग्रेस और भाकपा माले की दो-दो सिटिंग सीटें शामिल हैं। इन 6 सीटों पर भी कल बैठक में सहमति नहीं बन पाई।
महागठबंधन में सीट बंटवारे का संभावित फॉर्मूला भी लगभग तय हो चुका है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि सीट बंटवारे का फॉर्मूला अंतिम चरण में है। ऐसी संभावना है कि राजद लगभग 125 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जो 2020 में लड़ी गई 143 सीटों से 19 कम है। जबकि कांग्रेस: 50-55 सीटें और वाम दल लगभग 25 सीटें पर चुनाव लड़ेगी। बाकी सीटें वीआईपी, रालोजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसे अन्य सहयोगियों के बीच बांटी जाएंगी।राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तीन उप-मुख्यमंत्रियों का यह वादा और सीटों में कटौती, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेजस्वी यादव गठबंधन के निर्विवाद मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में उभरे हैं। उन्होंने इसे राजद की यादव-केंद्रित राजनीति की धारणा से आगे बढ़कर, दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को सीधे सत्ता में भागीदार बनाने का "मास्टरस्ट्रोक" बताया।कांग्रेस के प्रवीण सिंह कुशवाहा ने इस सीट बंटवारे के फॉर्मूले को राहुल गांधी के प्रभाव और सभी वर्ग को साथ लेकर चलने का संतुलित प्रयास बताया।
वहीं वीआईपी प्रवक्ता देव ज्योति ने तेजस्वी की दूरदर्शिता की प्रशंसा करते हुए दावा किया कि आज शाम तक तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया जाएगा, और मुकेश सहनी उनके उप-मुख्यमंत्रियों में से एक होंगे।वहीं सूत्र ये भी बता रहे हैं कि बिहार चुनाव को लेकर दिल्ली में हुई कांग्रेस की मुख्य चुनाव समिति की बैठक में 25 सीटों पर उम्मीदवारों का नाम फाइनल हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी देर रात अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी 2020 के चुनाव में जीते अपने सभी विधायकों को दोबारा टिकट देने की तैयारी में है। बता दें कि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. पार्टी की इस बैठक में बिहार स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अजय माकन सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि सीट बंटवारे को लेकर जो भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है, उसके बीच दिल्ली में इस बड़ी बैठक का आयोजन हमारे सहयोगियों के लिए साफ संदेश है कि हम अब पीछे नहीं हटेंगे। स्क्रीनिंग कमेटी जिन सीटों पर मुहर लगाएगी, वही सीटें कांग्रेस लड़ेगी.। अब इसमें कोई प्रतीकात्मकता या दिखावा नहीं रहेगा.” पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस का यह कदम एक रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि वह ‘हाई-स्टेक्स’ बिहार चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
बता दें कि बैठक के बाद जानकारी देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि पार्टी बिहार में मौजूद अपने अधिकांश विधायकों को फिर से टिकट देने जा रही है। यानी कि पार्टी के किसी भी मौजूदा विधायक का टिकट नहीं कटने वाला है। बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 70 सीटों पर लड़कर 19 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। वहीं, राजद को लगता है कि इस बार वह सत्ता में आ सकती है. इसलिए वह कांग्रेस को कम से कम सीटें देना चाहती है।