असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को अक्सर बिहार की राजनीति, खासकर सीमांचल क्षेत्र को लेकर खुला चैलेंज दिया है।ओवैसी ने आरजेडी को चुनौती दी है कि वह सीमांचल के लोगों, विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं, की अनदेखी कर रही है। बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव को चुनौती दी थी कि वह केवल हवा में बातें न करें, बल्कि जमीन पर आएं और सीमांचल की जनता से मिलें, जो अब नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं करेगी। ओवैसी ने कहा कि सीमांचल की जनता अब आरजेडी को "जमीन पर सुलाएगी"।
एक अन्य मौके पर ओवैसी ने आरजेडी पर उनकी पार्टी (एआईएमआईएम) के चार विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी थी कि अब उनकी पार्टी के 24 विधायक आएंगे। यह बयान आरजेडी के प्रति उनके गुस्से और बिहार में एआईएमआईएम के विस्तार के इरादे को दर्शाता है।
ओवैसी ने आरजेडी के साथ गठबंधन की कोशिशों का जिक्र करते हुए यह भी कहा था कि उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी यादव को पत्र लिखा था, लेकिन आरजेडी ने उन्हें दरकिनार कर दिया। उन्होंने धमकी दी थी कि आरजेडी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और वे इस बार फिर सीमांचल में आरजेडी को हराएंगे। कुल मिलाकर, ओवैसी का चैलेंज आरजेडी की मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ को चुनौती देने और सीमांचल क्षेत्र में अपनी पार्टी AIMIM की पैठ बनाने पर केंद्रित रहा है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "हम सीमांचल के एक सुदूर गाँव में गए थे। जब हम नमाज़ पढ़कर बाहर आए, तो हमारी बहनें और माताएं वहां खड़ी थीं। वहाँ केवल बुजुर्ग खड़े थे क्योंकि गरीब युवा पहले ही पलायन कर चुके थे। आठ साल के बच्चे 'पतंग छाप' के नारे लगा रहे थे। तेजस्वी, क्या आपने देखा कि एक आठ साल का बच्चा 'पतंग छाप' कह रहा है। लेकिन आप आसमान में उड़ रहे हैं, आपके पास ज़मीन पर आने का समय नहीं है?लेकिन सीमांचल के लोग आपको ज़मीन पर सुला दें