केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में CWC की बैठक पर कहा, "मुझे खुशी है कि CWC को बिहार, पटना की याद आई। पटना में CWC की आखिरी बैठक कब हुई थी? यह फिर से वही दबाव की राजनीति है जिसके तहत बिहार के नेता प्रतिपक्ष कहते हैं कि वे 243 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। राहुल गांधी बिहार आते हैं, अपने पूरे दौरे में तेजस्वी यादव के साथ यात्रा करते हैं, फिर भी मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर एक बार भी सहमति नहीं देते हैं। यह वर्चस्व की लड़ाई है। जिस तरह से पिछली बार कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा गया था, वे इसका जवाब दे रहे हैं.कांग्रेस को बिहार चुनाव अकेले लड़ने की कोशिश करनी चाहिए। आपके पास खोने के लिए क्या है? न तो देश की सबसे पुरानी पार्टी, कांग्रेस और न ही बिहार की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक, राजद, अकेले चुनाव लड़ने की हिम्मत रखती है
राजद नेता तेजस्वी यादव के इस बयान कि "महागठबंधन बिना सीएम चेहरे के चुनाव नहीं लड़ेगा" के बारे में पूछे जाने पर, कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा, "कोई भ्रम नहीं है। मैंने बार-बार कहा है: चीजें समय पर और सही तरीके से तय की जाएंगी। किसी भी वर्ग या गठबंधन सहयोगी को इस बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम चिंतित नहीं हैं और बिहार की स्थिति को पूरी तरह समझते हैं। वर्तमान सरकार को हटाने के लिए, कांग्रेस पार्टी और उसका नेतृत्व अपना पूरा योगदान दे रहा है। राहुल गांधी की यात्रा (मतदाता अधिकार यात्रा) हुई और इस दौरान लोगों ने जिस तरह का विश्वास दिखाया, वह स्पष्ट था। सीडब्ल्यूसी 26 तारीख को प्रियंका गांधी से मिलने वाली है। कुल मिलाकर, इन कदमों का उद्देश्य गठबंधन को मजबूत करना और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार को हटाना है। यह बदलाव आवश्यक है क्योंकि वर्तमान सरकार ने बिहार के लोगों को कई तरह से परेशान किया है।