Bihar Election 2025: बिहार में इन दिनों चुनावी माहौल है और हर तरफ राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने-अपने स्तर पर कई कार्य कर रहे हैं। वहीं, इन सबके बीच बिहार में "स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन" शब्द काफी चर्चा में है क्योंकि प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू करवाया गया है, जिसपर जमकर राजनीति भी देखने को मिल रही है। इस बीच, केंद्र सरकार की अहम सहयोगी और आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी ने वोटर लिस्ट में संशोधन के लिए किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से बड़ी अपील की है।
चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगू देशम पार्टी ने मंगलवार को चुनाव आयोग से अपील की है कि आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण के लिए पर्याप्त समय दिया जाए और यह प्रक्रिया किसी बड़े चुनाव से छह महीने पहले तक न कराई जाए। टीडीपी ने कहा कि जो लोग पहले से ही ताजा वोटर लिस्ट में शामिल हैं, उन्हें दोबारा अपनी पहचान या पात्रता साबित करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
बता दें कि, टीडीपी की यह मांग ऐसे समय में आई है जब बिहार में इसी तरह की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। वहां विपक्षी दलों ने आरोप लगाए हैं कि चुनाव से ठीक पहले की जा रही इस प्रक्रिया में नए वोटरों पर सबूत देने की जिम्मेदारी डाल दी गई है, जिससे भ्रम और असंतोष फैल रहा है।