उत्तर प्रदेश के बरेली से धर्मांतरण के बड़े खेल के सामने आने की बात सामने आई है। बरेली पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सरगना अब्दुल मजीद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है, जो लोगों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण कराता था। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर गुप्तचर इकाई ने छानबीन शुरू की थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने भुता निवासी अब्दुल मजीद के साथ सलमान आरिफ और फहीम को पकड़ा है।
बरेली पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरोह ने बरेली के सुभाष नगर निवासी बृजपाल के पूरे परिवार को अपने जाल में फंसा लिया था। सबसे पहले बृजपाल का ब्रेनवॉश कर उसकी शादी एक मुस्लिम लड़की से कराई गई। इसके बाद उसकी बहन का निकाह भी एक मुस्लिम युवक से कराया गया। आरोपियों के पास से कई प्रकार की पुस्तकें बरामद की गई हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के और भी सदस्य सामने आ सकते हैं और इसकी जड़ें दूर-दराज तक फैली हुई हैं। मामले का विस्तृत खुलासा एसपी साउथ अंशिका वर्मा की ओर से किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भुता निवासी अब्दुल मजीद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद उनके अन्य लिंक की जांच की जा रही है।
बरेली के धर्मांतरण के इस पैटर्न ने बलरामपुर के छांगुर गिरोह के मामले से इसकी तुलना शुरू कर दी है। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा इसी प्रकार युवक-युवतियों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण कराता था। मामले में यूपी एटीएस ने जांच की तो बड़े धर्मांतरण गैंग का खुलासा हुआ। बलरामपुर से मुंबई-दुबई तक के नेटवर्क सामने आए। इस मामले की भी पुलिस के स्तर पर गंभीरता से जांच की जा रही है।