कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने हाल ही में बांग्लादेश में जारी संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है और भारत सरकार से इस मामले में सख्त रुख अपनाने की मांग की है। चौधरी का कहना है कि वर्तमान में बांग्लादेश कट्टरपंथियों के चंगुल में फंसता जा रहा है और वहां की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस केवल एक "कठपुतली" बनकर रह गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बांग्लादेश धीरे-धीरे पाकिस्तान का पिछलग्गू (Vassal State) बनने की कगार पर है, जो भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है।
चौधरी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (विशेषकर हिंदुओं) पर हो रहे हमलों और वहां फैली हिंसा, लूटपाट और आगजनी पर भी केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांग्लादे में कट्टरपंथी ताकतें अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए हिंसा का सहारा ले रही हैं और वे किसी भी धर्म या कानून को मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां होने वाले भारत विरोधी प्रदर्शन स्वाभाविक नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे कुछ बाहरी और कट्टरपंथी शक्तियों का हाथ है।
मुर्शिदाबाद से ताल्लुक रखने वाले चौधरी ने यह डर भी जताया कि अगर बांग्लादेश में अस्थिरता बनी रही, तो इसका सीधा असर भारत के सीमावर्ती जिलों जैसे मालदा और मुर्शिदाबाद पर पड़ सकता है।अंत में, उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वह बांग्लादेश की स्थिति पर मूकदर्शक न बनी रहे और वहां के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा तथा भारत के हितों की रक्षा के लिए ठोस कूटनीतिक कदम उठाए।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "मोदी सरकार की कमज़ोरी, विदेश नीति की गलतियों और गलत नीतियां बनाने की वजह से देश के सामने संकट है.यह वही बांग्लादेश है जिसे इंदिरा गांधी ने 14 दिनों में बनाने में मदद की थी; नहीं तो यह पाकिस्तान होता। मैं इसके लिए पूरी तरह से यूनुस सरकार और मोदी सरकार की विदेश नीति को ज़िम्मेदार ठहराता हूं।"