आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर कहते हैं, ''मैंने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा है...संयुक्त राष्ट्र की स्थापना इसलिए की गई थी कि अगर दुनिया में कहीं भी मानवता पर कोई हमला होता है, तो संयुक्त राष्ट्र उनके लिए खड़ा होगा लेकिन दुर्भाग्य से, संयुक्त राष्ट्र अभी चुप है.''