भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की बहन शुचि मिश्रा ने कहा कि यह पूरे देश के लिए वाकई गर्व का क्षण है। मैं उनकी बहन हूं, इसलिए मेरे लिए यह इस समय भावनाओं का एक बड़ा मिश्रण है। ढेर सारी खुशियां, ढेर सारा प्यार और घबराहट। जो भी होगा, अच्छा होगा, मुझे यकीन है, हमें पूरा भरोसा है कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से पूरा करेंगे। शुभांशु हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गए हैं।
Axiom-4 मिशन लॉन्च पर जवाहरलाल नेहरू प्लेनेटेरियम के निदेशक डॉ. बीआर गुरुप्रसाद ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है और सभी 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व, खुशी और उत्साह की बात है क्योंकि शुभांशु इस मिशन में पायलट हैं। मिशन की कमांडर पैगी व्हिटसन हैं, जो नासा में व्यापक अनुभव वाली एक महिला हैं, जो अब एक निजी कंपनी AXIOM-4 में मानव अंतरिक्ष उड़ान निदेशक के रूप में काम कर रही हैं। अन्य दो चालक दल के सदस्य, पोलैंड से स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्निएव्स्की और टिबोर हंगरी के कापू दोनों ही मिशन विशेषज्ञ हैं, यानी वे प्रयोग करते हैं। हालांकि, क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान स्वचालित है, लेकिन पायलट और कमांडर के पास कई जिम्मेदारियां हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर फ्रांसेस एडमसन ए.सी. और अन्य लोग फ्लोरिडा, अमेरिका में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपण पर जश्न मनाते देखे गए। इस मिशन का संचालन भारत के IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कर रहे हैं। पिता ने क्या कहा सुनिए।