फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam Police raid: पवन खेड़ा के समर्थन में उतरे कांग्रेस के दिग्गज नेता, तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली जमानत!

Sat, 11 Apr 2026 02:48 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को लेकर हाल ही में सियासी हलचल तेज हो गई, जब उन्हें एक विवादित बयान के मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा और बाद में तेलंगाना हाईकोर्ट से राहत मिली। खेड़ा पर आरोप था कि उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर ऐसा बयान दिया, जिसे सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी ने आपत्तिजनक और मानहानिकारक बताया। इस बयान को लेकर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत दे दी, जिससे कांग्रेस को बड़ी राहत मिली।

इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के कई दिग्गज नेता खुलकर पवन खेड़ा के समर्थन में सामने आए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों और कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पवन खेड़ा ने जो कहा, वह राजनीतिक आलोचना के दायरे में आता है और इसे अपराध नहीं माना जाना चाहिए।

वहीं, भाजपा ने इस पूरे मामले में कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी नेता को आपत्तिजनक बयान देने की छूट नहीं दी जा सकती। भाजपा नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों को अपनी भाषा और बयानबाजी पर संयम रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत का फैसला कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इससे बयान की गंभीरता कम नहीं हो जाती।

इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर देश में राजनीति और कानून के रिश्ते को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर विपक्ष इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष इसे कानून और जिम्मेदारी का मुद्दा बता रहा है। फिलहाल, तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद पवन खेड़ा को अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन यह मामला आगे भी राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में बना रहने की संभावना है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें