पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। आशीष बनर्जी रविवार को बीरभूम जिले में स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटके हुए पाए गए। वह रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार तृणमूल कांग्रेस के विधायक रह चुके थे और विधानसभा के उपाध्यक्ष तथा चेयरमैन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारी निभा चुके थे। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई। घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए। तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि आशीष बनर्जी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी और मीडिया के एक वर्ग की ओर से लगातार बदनाम करने वाला अभियान चलाया गया था। पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
ममता बनर्जी ने अपने शोक संदेश में कहा कि आशीष बनर्जी को बार-बार निशाना बनाया गया और उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि लगातार राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव के कारण उन्हें मानसिक तथा भावनात्मक तनाव का सामना करना पड़ा। ममता बनर्जी ने आशीष बनर्जी को जमीन से जुड़ा हुआ नेता बताते हुए कहा कि उनका अपने विधानसभा क्षेत्र और बीरभूम जिले के लोगों के साथ बेहद करीबी संबंध था। उन्होंने कहा कि पांच बार विधायक, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और चेयरमैन के रूप में आशीष बनर्जी ने रामपुरहाट के विकास तथा स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
ममता ने उनके निधन को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि जीवन के अंतिम दिनों में उन्होंने जिस मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना किया, उसने इस त्रासदी को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, आशीष बनर्जी की मृत्यु से जुड़े कारणों और परिस्थितियों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा पोस्टमार्टम सहित आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इस घटना ने एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस में शोक पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक आरोपों के कारण पश्चिम बंगाल में सियासी बहस भी तेज हो गई है।