मंच पर पहुंचे मध्य प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मंत्री ने खेलों के उन्नयन और मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर बात की। मंत्री ने कहा कि युवा को व्यवस्थित, संस्कारित, संयम और अनुशासन की परिपूर्णता में फिट करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेलों को प्राथिकता दी। पहली बार ऐसा कोई प्रधान मंत्री हुआ जो टीम इंडिया के हारने पर उनका हौसला बनाने के लिए ड्रेसिंग रूम में जाकर उनसे मिलता है। मंत्री ने कहा कि पहले ऐसा कहा जाता था कि "पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब" लेकिन अब इस सोच में बहुत बदलाव आया है। इस सोच को दमदार तरीके से पीएम मोदी ने स्थापित किया।
मंत्री ने बताया कि सरकार सिर्फ सरकारी नौकरी पर ध्यान न देकर एलीट सर्विसेज़ के क्षेत्र पर भी काम कर रहे हैं। जो खिलाड़ी अच्छा खेल रहा है वह सिर्फ सरकारी नौकरी तक की सोच न रखे, बल्कि उसे नौकरी देने वाला भी बनाया जाए। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। खेलों के उन्नयन के लिए हमने अगल-अलग एकेडमियां बनाईं। इसके साथ ही खिलाड़ी खेल से जुड़ी एलाइट सर्विज की दिशा में भी आगे बढ़े इस दिशा में काम किया जा रहा है।