अजमेर शरीफ दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करते हुए एक याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। इस मामले में कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर दिया है, और आगामी सुनवाई के लिए 20 दिसंबर का दिन तय किया है। इस मामले पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया सामने आई है। ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि सुल्तान-ए-हिन्द ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (RA) भारत के मुसलमानों के सबसे अहम औलिया इकराम में से एक हैं। उनके आस्तान पर सदियों से लोग जा रहे हैं और जाते रहेंगे। कई राजा, महाराजा, शहंशाह, आए और चले गये, लेकिन ख़्वाजा अजमेरी का आस्तान आज भी आबाद है।