अजित पवार प्लेन क्रैश जांच पर अपडेट के लिए महाराष्ट्र DG ऑफिस गए NCP MLA रोहित पवार ने कहा, "मैंने सेशन में साज़िश का मुद्दा उठाया था, और मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक से केस CID को सौंप दिया जाएगा। आज हमने पूछा कि क्या वह ट्रांसफर हुआ। DGP ने कन्फर्म किया कि FIR भेजी गई थी, लेकिन महाराष्ट्र में इसे फॉर्मली एक्सेप्ट नहीं किया गया। उन्होंने ज़ोर दिया कि यह एक इन्क्वायरी होगी, पूरी इन्वेस्टिगेशन नहीं, जिसकी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जाएगी। कन्फ्यूजन बना हुआ है, हालांकि अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि CID डिटेल्स तैयार करेगी। इस बीच, कांग्रेस ने उपचुनावों में एक कैंडिडेट उतारा है, जिससे बिना विरोध के चुनाव होने की उम्मीद कम है। पार्थ पवार के बयान ने कांग्रेस के रुख पर असर डाला। कई लोग अजित पवार के मामले की सही जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सत्ता में बैठे नेता इस पर आगे नहीं बढ़ रहे हैं। कांग्रेस इस बात पर ज़ोर दे रही है कि बारामती में FIR एक्सेप्ट की जाए.वोटिंग आखिरकार अजित पवार के काम और रेप्युटेशन को दिखाएगी, और उनके कैंडिडेट को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।"
रोहित पवार के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच को और गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो इसे क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट को सौंपा जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है, ताकि घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। इस बयान के बाद यह संकेत मिला कि सरकार इस मामले को केवल एक दुर्घटना के रूप में नहीं, बल्कि संभावित साजिश के नजरिए से भी देख रही है।
अजित पवार का डीजी कार्यालय जाना इस बात का संकेत है कि सरकार और प्रशासन इस मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। उनके इस दौरे को जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, विपक्ष और अन्य राजनीतिक दल भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक ओर जहां सरकार जांच को लेकर गंभीरता दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर साजिश की आशंका ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या वाकई इसमें कोई साजिश का पहलू सामने आता है या यह महज एक दुर्घटना साबित होती है।