गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन हादसे के बाद से ही बोइंग विमानों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे. यही कारण है कि एविएशन सेफ्टी की तरफ से सभी बोइंग विमानों का फ्यूल कंट्रोल स्विच को ‘लॉक’ चेक करने का आदेश दिया गया था. एअर इंडिया ने बुधवार को अपने सभी बोइंग 787 विमानों का फ्यूल कंट्रोल स्विच चेक करने का काम पूरा कर लिया है. इस जांच में पाया गया कि बोइंग के ईंधन लॉकिंग सिस्टम में कोई खराबी नहीं मिली है. विमानन कंपनी एअर इंडिया के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी.DGCA ने जांच रिपोर्ट सामने आने के दो दिन बाद सोमवार (14 जुलाई, 2025) को सभी विमानन कंपनियों से उनके बोइंग 787 और 737 विमानों में ईंधन स्विच लॉकिंग सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था. इस जांच के आदेश देने के पीछे की वजह पिछले महीने 12 जून को अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा था.
भारतीय पायलट महासंघ (FIP) ने अहमदाबाद में एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI-171 की दुखद दुर्घटना से जुड़े प्रारंभिक निष्कर्षों और सार्वजनिक चर्चा पर चिंता व्यक्त की है। एफआईपी ने कहा कि सबसे पहले हम जांच प्रक्रिया से पायलट प्रतिनिधियों को बाहर रखे जाने पर अपना असंतोष व्यक्त करना चाहते हैं। एक गहन, पारदर्शी और आंकड़ों पर आधारित जांच से पहले दोषारोपण करना जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदाराना दोनों है।कंपनी ने जांच को लेकर क्या बताया? एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि बोइंग 787-8 विमानों का निरीक्षण पूरा हो चुका है. उन्हें ईंधन नियंत्रण स्विच के लॉकिंग तंत्र में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं मिली है. हमने सभी पहलुओं पर जांच की है.
विमानन सुरक्षा नियामक ने एयरलाइनों को 21 जुलाई तक अपने बोइंग 787 और 737 विमानों में ईंधन स्विच लॉकिंग प्रणाली का निरीक्षण पूरा करने का निर्देश दिया था.कंपनी ने बुधवार को कहा, “हमारी इंजीनियरिंग टीम ने हमारे सभी बोइंग 787 विमानों के FCS (फ्यूल कंट्रोल स्विच) के लॉकिंग मैकेनिज्म का निरीक्षण शुरू किया. अधिकारी ने यह भी बताया कि बोइंग रखरखाव कार्यक्रम के अनुसार सभी बोइंग 787-8 विमानों में थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल बदला गया है. FCS इसी मॉड्यूल का हिस्सा है. फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के इंजन में ईंधन के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं. शुरुआती रिपोर्ट के बाद उठे सवाल