अहमदाबाद विमान हादसे में जिंदा बचे विश्वास रमेश ने इस हादसे में जान गंवाने वाले अपने भाई को अंतिम विदाई दी. इस मौके पर वह बिलख-बिलख कर रोते दिखे. आपको बता दें कि 12 जून को हुए अहमदाबाद विमान में विश्वास रमेश अपने भाई के साथ मौजूद थे. इस हादसे में विश्वास रमेश को भी गंभीर चोटें आई हैं. लेकिन इस हादसे में उनके भाई की जान नहीं बच पाई. आज जब उनके भाई के शव की अंतिम यात्रा निकली तो वो इस मौके पर अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए. इस हादसे के बाद विश्वास रमेश ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि कैसे वह चमत्कारिक रूप से उस हादसे में बच गए हैं जिसमें 265 लोगों की जान चली गई है.
40 वर्षीय ब्रिटिश-भारतीय नागरिक रमेश सीट नंबर 11A पर बैठे थे. रमेश ने न केवल इस भयावह हादसे से जंग जीती, बल्कि अपने छोटे भाई अजय कुमार रमेश की मौत का दर्द भी सहा. हादसे के बाद रमेश ने अपने भाई की अर्थी को कंधा दिया, जिसकी अंतिम यात्रा दीव में निकली. इस हादसे में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हुई, साथ ही बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में 5 मेडिकल छात्रों की भी जान गई. इस हादसे में करीब 275 लोगों की मौत हुई है.
ब्रिटिश नागरिक रमेश ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि अहमदाबाद से गैटविक के लिए नौ घंटे की यात्रा पूरी करने के लिए विमान उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद ही रुक गया तथा हरी और सफेद बत्तियां जल उठीं.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती रमेश से मुलाकात की और उनका हालचाल पूछा था. डीडी न्यूज को दिए साक्षात्कार में लीसेस्टर निवासी रमेश ने कहा था कि यह सब मेरी आंखों के सामने हुआ. मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं कैसे बच गया. एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूं, लेकिन जब मेरी आंखें खुलीं तो मैं जीवित था.