अहमदाबाद शहर में हुए विमान हादसे में मारे गए 270 से अधिक लोगों के डीएनए मिलान और शव सौंपने की प्रक्रिया के नौवें दिन शुक्रवार शाम तक 231 मृतकों के डीएनए का मिलान हो गया। 210 शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया है।सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि शुक्रवार शाम तक 210 मृतकों के शव सौंपे जा चुके हैं। 231 मृतकों के डीएनए का मिलान हो गया है। इसमें 168 भारतीय यात्री हैं। इनके अलावा हादसा स्थल के आसपास मारे गए 11 स्थानीय लोग भी शामिल हैं। विदेशियों में 36 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक है। अब तक 231 के डीएनए का मिलान हुआ है। इनमें से 220 परिजनों का भी संपर्क किया जा चुका हैै। 15 शवों को हवाई मार्ग से भेजा गया है। 189 को सड़क मार्ग से ले जाया गया। आठ मृतकों के परिजनों को उनके परिवार के अन्य सदस्य के डीएनए मिलान का इंतजार है। ताकि वे एक साथ सभी के शव ले जा सकें।
इन जगहों के शवों को सौंपाअब तक सौंपे गए शवों में सबसे अधिक 155 भारतीय हैं। इनमें अहमदाबाद के सबसे अधिक 60 हैं। जबकि आणंद के 23, वडोदरा के 21, दीव के 14, खेडा के 11, भरुच के सात, मेहसाणा व गांधीनगर के छह-छह, गिरसोमनाथ के पांच, राजकोट के तीन, जामनगर, अमरेली, अरवल्ली, पाटण व द्वारका के दो-दो, पालनपुर, जूनागढ़, महिसागर, भावनगर, नडियाद, बोटाद, मोडासा तथा साबरकांठा के एक-एक मरीज शामिल हैं।
राजस्थान के नौ समेत अन्य राज्यों के 22 यात्री
विमान हादसे में राजस्थान के नौ यात्री मारे गए, जिनके शव परिजनों को सौंपे गए हैं। सबसे अधिक उदेपुर के सात, जोधपुर का एक व एक अन्य जगह का यात्री है। मुंबई के नौ समेत महाराष्ट्र के 11, बिहार के पटना व नागालैंड का भी एक शव सौंपा गया है।
कुछ दिन पहले हादसे की जगह से एक जली हुई एक्टिवा स्कूटर मिली थी, जो महेश की ही थी। इसके बाद शक गहराया कि वो भी इस हादसे का शिकार हो सकते हैं। उनके फोन की आखिरी लोकेशन भी उसी जगह की थी जब DNA टेस्ट से शव की पहचान महेश के रूप में हुई, तो शुरू में उनका परिवार इस बात को मानने को तैयार नहीं था। सदमे में डूबे परिवार ने शव को लेने से इनकार कर दिया। लेकिन पुलिस ने जब स्कूटर का चेसिस नंबर और डीएनए रिपोर्ट दिखाए, तब परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए शव स्वीकार कर लिया। अब तक 231 डीएनए मिलान, 210 शव सौंपे गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 231 डीएनए मैच हुए हैं और 210 शवों को उनके परिवारों को सौंपा जा चुका है। इस भयानक हादसे में 155 भारतीय, 36 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, 1 कनाडाई और 9 स्थानीय लोगों की जान चली गई।