सरकार भले ही देश को नशामुक्त बनाने के लिए करोड़ों की योजनाएं चलाती हो पर हालात कुछ जुदा ही हैं। शारब पीने वालों में कमी तो नहीं हो रही बल्कि इनकी तादाद और बढ़ रही है। आंकड़ों की मानें तो 2010 से 2017 के बीच भारत में शराब की खपत में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।