जिला ऊना स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी के पावन दरबार में आस्था और विश्वास की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली। अपने बेटों की मनोकामना पूर्ण होने पर इंग्लैंड से आई मां सीमा देवी ने माता रानी के चरणों में 11 दिन की निष्काम सेवा कर शुकराना अदा किया।इंग्लैंड के नॉटिंघम शहर में रह रहीं सीमा देवी ने बताया कि उन्होंने करीब छह वर्ष पूर्व माता श्री चिंतपूर्णी से अपने बेटों हरप्रीत और मनप्रीत के विदेश में सैटल होने की अरदास लगाई थी। माता रानी की असीम कृपा से उनकी यह मनोकामना पूरी हुई और आज दोनों बेटे अपने-अपने परिवारों के साथ नॉटिंघम में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। मनोकामना पूरी होने के पांच वर्ष बाद, सीमा देवी ने अपने परिवार सहित माता के दरबार में पहुंचकर मंदिर परिसर और लंगर हॉल में लगातार 11 दिन तक सेवा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा एक मां की ओर से जगत जननी माता श्री चिंतपूर्णी के प्रति अटूट विश्वास और श्रद्धा का प्रतीक है, जिसने उनके परिवार की झोली खुशियों से भर दी।11 दिन की सेवा पूर्ण होने के उपरांत सीमा देवी ने विधिवत रूप से माता रानी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मंदिर प्रशासन की ओर से वित्त एवं लेखा अधिकारी राजेंद्र कटोच ने उन्हें माता की चुनरी भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर क्लर्क डीके और संदीप कुमार भी उपस्थित रहे। माता के दरबार में श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार की सेवाएं अन्य भक्तों के लिए भी प्रेरणा हैं और यह दर्शाती हैं कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती।