राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊना में सिंगापुर से प्रशिक्षण प्राप्त कर आपने विद्यालय वापिस लौटे शिक्षक डॉ. किशोरी लाल शर्मा ने प्रधानाचार्य राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊना सुरेंद्र कौंडल की अध्यक्षता में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूल के सभी स्टाफ सदस्य एवं एसएमसी के प्रधान सोमा देवी और SMC के सभी सदस्यों एवं स्कूल के सभी बच्चों ने भाग लिया। सबसे पहले डॉ. किशोरी लाल शर्मा प्रवक्ता कॉमर्स ने सिंगापुर से लौटने के बाद वहां की राजनीतिक एवं भौगोलिक परिस्थिति, वहां के टूरिज्म, शिक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था, स्वच्छता, अनुशासन एवं विशेष तौर पर शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पूरे सिंगापुर में 360 सरकारी स्कूल है। प्राइवेट स्कूल नाम मात्र है और वहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्कूल के भवन बहुत ही सुंदर हैं, और वहां का स्टाफ शतप्रतिशत प्रशिक्षण प्राप्त है। कोई भी स्टाफ बिना अपने अल्टरनेटिव के विद्यालय को छोड़कर नहीं जा सकता। 40 हफ्ते वहां पर बच्चों के लिए पढ़ाई करवाई जाती है, और शेष 12 हफ्ते बच्चों के लिए वहां छुट्टियां होती हैं । जिसमें कोई भी अध्यापक छुट्टी ले सकता है परंतु अपना अल्टरनेटिव देने के साथ-साथ वहां पर विद्यालय में और कार्य भी संपन्न करने होते हैं जैसे पेपर चेकिंग का काम, स्पोर्ट्स से संबंधित एवं अन्य गतिविधियों से संबंधित कार्य को संपन्न करना होता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कौंडल ने भी विस्तार पूर्वक सिंगापुर की भौगोलिक परिस्थितियों एवं बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता से संबंधित अपने विचार रखें। डॉ. किशोरी लाल ने सिंगापुर के बारे में वहां की शिक्षा नीति, टूरिज्म, कानून व्यवस्था को एक पीपीटी के जरिए दिखाने की कोशिश की है और आज हम सब मिलकर वहां की अच्छी बातें नीतियां अपने विद्यालय के बच्चों के सार्वभौमिक विकास, गुणवत्ता शिक्षा, नैतिक मूल्य, स्वच्छता एवं अनुशासन एवं अन्य वह सब बातें जो हम वर्तमान परिस्थितियों में अपने विद्यालय में लागू कर सकते हैं, उनको लागू करने का पूरा प्रयास आप सबके सहयोग से करेंगे।