वृंदावन से वर्ष 2024 में शुरू हुई सनातन धर्म प्रचार यात्रा करीब 3200 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद मंगलवार को ऊना जिले के अंब पहुंची। यात्रा का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं को सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है। अंब पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। यात्रा के साथ चल रहे प्रभु राधिका बल्लभ दास ने बताया कि सनातन धर्म प्रचार यात्रा वर्ष 2029 में वापस वृंदावन पहुंचकर पूरी होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संवाद कर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा के विशेष रथ में भगवान राधा-कृष्ण के विग्रह विराजमान हैं। रथ को गुजरात की कांकरेज नस्ल के बैल खींच रहे हैं। यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों और विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर श्रद्धालुओं से संवाद किया जा रहा है। यात्रा से जुड़े लोगों के अनुसार इसका उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी में रुचि पैदा करना भी है। प्रभु राधिका बल्लभ दास ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ के बाद यात्रा पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से होकर आगे बढ़ रही है। इसके बाद यात्रा हरिद्वार कुंभ में पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2029 तक यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और अंत में वृंदावन पहुंचकर इसका समापन होगा।