हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से जिला ऊना के लता मंगेशकर कला केंद्र समूरकलां में चल रहे राज्य स्तरीय हिमाचल उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अंतिम दिन बुधवार को प्रस्तुतियां दीं। इसमें विशुद्ध लोक संगीत व विल्यात्मक लोक गीत गायन किया गया। हिमाचल प्रदेश के छह जिलों के करीब 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। निर्णायक मंडल में उपनिदेशक राज कुमार सकलानी, डॉक्टर मदन झालटा, रचना कपिला रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक राज कुमार सकलानी ने प्रतिभागियों की प्रतिभा को परखा। प्रस्तुतियों में सिरमौर बरसाटा के सार्थक ने गायन के साथ ढोलक भी स्वयं बजाकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। साहिल की चंबे जो चली जाना हो.., हरि सिंह की लोक गायन प्रस्तुति ने भी सभी का मन मोहा। महिला वर्ग में शिमला ठियोग से शीला वर्मा ने भी अपनी प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध किया। जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने बताया की तीन दिवसीय कार्यक्रम में अंतिम रोज प्रथम आने वाले प्रतिभागियों 31-31 हजार रुपये बतौर इनाम दिए जाएंगे । इसमें छह जिलों के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाया है।