ऊना जिला के किसानों के लिए इस बार बरसात ने आलू की फसल की समयसारिणी को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। आम ताैर पर अगस्त के अंतिम दिनों में होने वाली आलू की बिजाई इस बार सितंबर के तीसरे सप्ताह तक खिंच गई है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने किसानों को सलाह दी है कि बिजाई के बाद खेतों से पानी की निकासी का पूरा इंतजाम किया जाए। उन्होंने कहा कि आलू की कच्ची फसल लगभग 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जाती है और यदि इसमें पानी रुक गया तो नुकसान बढ़ सकता है। आमतौर पर हिमाचल का आलू सबसे पहले बाज़ार में पहुंचकर अच्छा दाम दिलाता है, लेकिन इस बार देरी से हुए बुवाई से रेट पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।