भाजपा सोलन शहरी मंडल के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने कहा है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए अस्पतालों के उद्घाटन और प्रचार में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर डॉक्टरों और स्टाफ की कमी है। कहा कि अस्पतालों की पहचान इमारतों से नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं से होती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य रैंकिंग में फ्रंट रनर राज्यों में था। हालांकि, वर्ष 2026 तक प्रदेश कई पायदान नीचे खिसक गया है और राष्ट्रीय मानकों तक पहुंचने को संघर्षरत है। उन्होंने इसे वर्तमान सरकार की विफल नीतियों का परिणाम बताया। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बजट का लगभग 6.7 फीसदी हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च होता था।