भाजपा सोलन शहरी मंडल ने सोलन, धर्मशाला और मंडी नगर निगमों में महापौर एवं उपमहापौर की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। पार्टी ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि अधिसूचना लंबित रहने से निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा शहरी मंडल के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के चारों नगर निगमों—सोलन, धर्मशाला, मंडी और पालमपुर—के चुनाव 17 मई को हुए थे, जबकि मतगणना के बाद परिणाम 31 मई को घोषित किए गए। इसके बाद सभी नगर निगमों में महापौर और उपमहापौर का निर्वाचन भी संपन्न हो चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित सोलन, धर्मशाला और मंडी नगर निगमों की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है, जबकि पालमपुर नगर निगम, जहां कांग्रेस समर्थित नेतृत्व है, वहां 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होने के बाद सामान्य सभा भी आयोजित की जा चुकी है। भाजपा का आरोप है कि अधिसूचना जारी न होने से तीनों नगर निगमों में विकास कार्यों और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने इसे प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान का अनुच्छेद-14 तथा शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान सभी निर्वाचित संस्थाओं के साथ समान व्यवहार की अपेक्षा करते हैं। ऐसे में एक नगर निगम की प्रक्रिया समय पर पूरी होना और अन्य तीन नगर निगमों की अधिसूचना बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबित रखना लोकतांत्रिक जनादेश की भावना के विपरीत है। भाजपा ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे संबंधित विभागों और अधिकारियों से देरी के कारणों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि लंबित अधिसूचनाएं शीघ्र जारी हों और नगर निगमों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप विकास कार्य शुरू हो सकें।