हिमाचल प्रदेश के संस्कृत महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की प्राक शास्त्री-2 की शैक्षणिक योग्यता को बारहवीं के समकक्ष मान्यता देने की मांग उठी है। नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पहाड़ी शिवालिक जन कल्याण संगठन के अध्यक्ष योगी ठाकुर ने प्रदेश सरकार से यह मांग की। उन्होंने कहा कि प्राक शास्त्री-2 को बारहवीं के समकक्ष मान्यता नहीं मिलने से संस्कृत के हजारों विद्यार्थी पुलिस, होमगार्ड, वन विभाग समेत विभिन्न सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। योगी ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल पुलिस में कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं निर्धारित की गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 है। ऐसे में प्राक शास्त्री-2 उत्तीर्ण विद्यार्थियों के सामने आवेदन करने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्राक शास्त्री-2 को तत्काल बारहवीं के समकक्ष मान्यता देकर विद्यार्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाए।