भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से आदर्श जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादाओं का संदेश दिया है। रामायण में राजा के दायित्वों से लेकर पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन तक के आदर्शों का वर्णन मिलता है। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत है, जो पीढ़ियों को जीवन जीने की सही राह दिखाती है। डॉ. राजीव बिंदल सोमवार को नाहन में आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर वाल्मीकि मंदिर में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। समारोह स्थल पर पहुंचने पर पार्षद प्रदीप सहोत्रा, अचपाल नारनोल, विजय चौरिया सहित समाज के अन्य लोगों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और हवन यज्ञ में भाग लिया। मीडिया से बातचीत में डॉ. बिंदल ने महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव पर प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई जाती है। महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को रामायण के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया। उनकी रचना में जीवन के विभिन्न पहलुओं और मानवीय मूल्यों का गहन संदेश समाहित है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से बताया कि एक आदर्श राजा कैसा होना चाहिए, परिवार में माता-पिता और पति-पत्नी के संबंध कैसे होने चाहिए और मनुष्य को अपने जीवन में किन मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। रामायण में निहित ये शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को सही दिशा देने का काम करती हैं। डॉ. बिंदल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती हर वर्ष देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। नाहन में भी इस अवसर पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जबकि रात को समारोह का समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। उन्होंने लोगों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने और उनकी शिक्षाओं को दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया।