जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने मंगलवार सुबह तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। रात करीब 2 बजे शुरू हुआ तेज बारिश का सिलसिला लगातार 8 से 9 घंटे तक जारी रहा, जिससे शहर का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार हो रही बारिश के कारण नाहन की कई सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं और कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों का आवागमन बाधित हो गया। सुबह के समय दफ्तर, अस्पताल और अन्य जरूरी काम के लिए घरों से निकले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को रास्ते बदलने पड़े, जबकि कुछ क्षेत्रों में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। तेज बारिश के कारण छाते और बरसातियां भी लोगों को भीगने से नहीं बचा सकीं। शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा रहा। लगातार बारिश का असर केवल जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सरकारी कार्यक्रमों पर भी पड़ा। मंगलवार को हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती के अवसर पर जिले में विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम भी बारिश के कारण प्रभावित हुए। कई आयोजनों में देरी हुई, जबकि कुछ स्थानों पर कार्यक्रम सीमित रूप में आयोजित किए गए। मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने विशेष रूप से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को उम्मीद है कि मौसम जल्द साफ होगा, ताकि सामान्य जनजीवन फिर से पटरी पर लौट सके। वहीं प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।