हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा शत्रु अगर कोई है, तो वो हमारा डर है। जब तक डर हमारे मन में है तो हम कोई भी काम सही ढंग से नहीं कर पाएंगे। हम कुछ भी नहीं बदल सकते जब तक कि सामना करने की हिम्मत नहीं करते। यह बात नारी गरिमा को समर्पित अमर उजाला के 'अपराजिता 100 मिलियन स्माइल' अभियान के तहत वीरवार को राजकीय उच्च पाठशाला ढ़ाकवाला में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने कही। एसडीएम ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिंदगी है तो समस्याएं हैं और आएंगी भी, लेकिन उन समस्याओं से भिड़ना जरूरी है, ताकि उसका समाधान निकले। उन्होंने कहा कि जितनी बड़ी समस्या होगी, उसका समाधान भी उतना ही बड़ा होगा। उन्होंने इसे लेकर राक्षस की कहानी भी सुनाई। उन्होंने छात्राओं से अपने मन से डर निकालने का आह्वान किया। इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर मुख्य अध्यापिका अंशु चौधरी ने पुष्प गुच्छ देकर मुख्यातिथि का स्वागत किया और मुमेंटो देकर उनको सम्मानित किया। छात्र-छात्राओं ने उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एसडीएम राजीव सांख्यान ने छात्राओं को नारी सशक्तिकरण का महत्व बताते हुए पढऩे और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पुराने जमाने में लड़कियों की दुर्दशा पर प्रकाश डालते हुए आजादी के बाद नारी सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारी और पुरूष में कोई भेद नहीं है, लेकिन समाज में अब भी कहीं न कहीं पुरूष प्रधानता घुसी हुई है, इस सोच को बदलने की जरूरत है। उन्होंने लड़कियों के लिए बने कानूनों और हेल्पलाइन नंबरों को भी मंच से सांझा किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई जरूर करें, इसी से जीवन में बदलाव आएगा। मां-बाप अगर पढऩे से रोकें तो इसके लिए लड़े लेकिन पढ़के आगे जरूर बढ़े। उन्होंने चेतन मन और अवचेतन मन को लेकर भी कई उदाहरण दिए और समझाया कि कैसे हमारा अवचेतन मन एक बड़ी ताकत है और जीवन में कैसे सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। मुख्य अध्यापिका अंशु चौधरी ने छात्राओं से बताई गई चीजों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। मंच का संचालन रूचिका तोमर ने किया। कार्यक्रम के दौरान एसएमसी प्रधान इमरान शाह, स्कूल स्टॉफ, एसएमसी सदस्य व विद्यार्थी मौजूद रहे। 1. मुख्य अध्यापिका अंशु चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिस तरह से इस तरह के जो कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वह सराहनीय कदम है। 2. छात्रा सकिरा ने कहा कि अवचेतन मन की ताकत को जिस तरह से एसडीएम साहब ने उदाहरण देकर समझाया वह बहुत खास रहा। 3. छात्रा मंतशा ने कहा कि छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से जो भी जानकारी दी गई, वह बहुत ही रोचक रही और समझ भी अच्छे से आई। 4. एसएमसी प्रधान इमरान शाह ने कहा कि कार्यक्रम में दी गई जानकारी से बच्चों के साथ-साथ बड़े भी लाभांवित हुए हैं। 5. शिक्षक अरूण कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में हुए यह कार्यक्रम बहुत ही ज्ञानवर्धक और सकारात्मक रहा।