चार दिन से मिल्क प्लांट दत्तनगर में दूध न लेने से हजारों दुग्ध उत्पादकों की दुश्वारियां बढ़ी हुई हैं। हजारों पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार, प्रशासन और मिल्क प्लांट दत्तनगर की नाकामी का दंश हजारों दुग्ध उत्पादक झेल रहे हैं। चाटी में आयोजित दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक में संघ के संयोजक प्रेम चौहान ने यह बात कही। बैठक में इस मामले को लेकर चिंता जताई गई और फैसला लिया गया कि यदि जल्द दुग्ध उत्पादकों का दूध नहीं खरीदा गया तो 29 जनवरी से प्रदर्शन किया जाएगा। कहा कि चार दिन से मिल्क प्लांट दत्तनगर में दूध नहीं लिया जा रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को भारी नुकसान हो रहा है। एक दिन की बर्फ ने सरकार की पोल खोल दी है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा करने में असमर्थ है। चार दिनों से मिल्क फेडरेशन ने गांव से गरीब किसानों का दूध नहीं लिया है। कई गरीब किसान का भरण पोषण दूध से चलता है, लेकिन सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम पिछले नहीं उठा पा रही है, जिससे किसानों में भारी रोष है। दुग्ध उत्पादक संघ ने सरकार और मिल्क फेडरेशन से मांग की है कि तुरंत इस समस्या का समाधान करें और दत्तनगर मिल्क प्लांट में दूध का संग्रहण पुनः शुरू करें। अन्यथा 29 जनवरी से दुग्ध उत्पादक संघ सरकार और मिल्क फेडरेशन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर दुग्ध उत्पादक संघ हिमाचल प्रदेश के सह संयोजक रंजीत ठाकुर, सुभाष ठाकुर, पूर्ण ठाकुर, तुला राम शर्मा, दुर्गा सिंह, दयाल भाटनू, लालू राम, लाल सिंह, देवी सिंह, मिलाप सिंह, कुलदीप और संदीप सहित अन्य मौजूद रहे।