आईजीएमसी में मरीज और डॉक्टर के बीच हुए विवाद के बाद प्रदेश भर में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। शुक्रवार को प्रदेश भर में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर जाने से मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। रामपुर स्थित चार जिलों के मुख्य अस्पताल खनेरी में शुक्रवार को मरीज तो अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टर न मिलने से उन्हें मायूस वापस लौटना पड़ा। अस्पताल की आपातकाल ओपीडी में मरीज कतारों में उपचार के लिए खड़े रहे। आईजीएमसी शिमला में मरीज और डॉक्टर के बीच हुई हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। डॉक्टर के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश भर के अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश किया। रामपुर के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात चिकित्सकों ने भी प्रदेशव्यापी आह्वान के चलते अवकाश का समर्थन किया। चार जिलों के मुख्य अस्पताल में खनेरी में विभिन्न क्षेत्रों अस्पताल पहुंचे मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। अस्पताल में सुबह से ही मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, लेकिन मरीजों को डॉक्टरों के अवकाश पर जाने की जानकारी न होने के कारण उनकी जांच नहीं हो पाई। दूर दराज और दुर्गम क्षेत्रों से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज यहां वहां भटकते दिखे। डॉक्टरों के अवकाश के कारण अस्पताल की सभी ओपीडी बंद रही और यहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। सैकड़ों मरीजों को उपचार के बिना वापस लौटना पड़ा। हालांकि अस्पताल में आपात सेवाएं जारी रही, लेकिन यहां तैनात डॉक्टर पर भी मरीजों की अधिक संख्या होने पर कार्य का बोझ बढ़ा रहा। मरीज यहां कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश लोगों को डॉक्टरों के अवकाश की जानकारी ही नहीं थी, जिस कारण उन्हें दिक्कतों से दो चार होना पड़ा। बुजुर्ग और बच्चों को सबसे अधिक परेशानियां पेश आई। विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उपचार न मिलने से उनके तीमारदारों में भी रोष दिखा। बताया जा रहा है कि शनिवार से अस्पताल में व्यवस्था पटरी पर लौट जाएगी। डॉक्टर और मरीज के बीच पेश आया मारपीट का मामला अब क्षेत्र के हजारों मरीजों की परेशानियों का सबब बनता जा रहा है। अस्पताल पहुंची बुजुर्ग महिला रामी देवी, नरैण से पहुंचे संदीप कुमार, यशवंत सिंह, रामेश्वर सिंह, राजेश कुमार, कुलदीप, राहुल सहित अन्य लोगों ने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें डॉक्टर के अवकाश पर जाने की जानकारी मिली। डॉक्टर न मिलने के कारण उन्हें बिना उपचार के वापस लौटना पड़ा।