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Rampur Bushahr: रामपुर में शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के महत्व बारे किया जागरूक

पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर में मंगलवार को समग्र शिक्षा अभियान के तहत पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में प्राथमिक पाठशाला के शिक्षकों को नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देने बारे प्रशिक्षित किया जाएगा। पांच दिवसीय प्रथम चरण कार्यशाला में शिक्षा खंड रामपुर और सराहन के 72 शिक्षक और छह आरपी भाग ले रहे है। कार्यशाला में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) जन्म से लेकर 8 वर्ष विशेषकर 3 से 6 वर्ष की आयु तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास, शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक के लिए महत्वपूर्ण है। खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में संज्ञानात्मक कौशल, अच्छी आदतें और आजीवन सीखने की नींव विकसित करती है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सोचने समझने, शारीरिक, भाषा, सामाजिक, भावनात्मक और रचनात्मक कौशल को विकसित करना है। प्रीस्कूल, आंगनबाड़ी और बाल वाटिका शामिल हैं। 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए 5 साल का मूलभूत चरण, जिसमें खेल आधारित और गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर दिया जाता है, जिसके लिए अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्राथमिक शिक्षा ही बच्चों के मस्तिष्क को तेजी से विकास में मदद करती है। कार्यशाला में शिक्षकों को खेल-खेल में शिक्षा के माध्यम से रचनात्मकता और जिज्ञासा को बढ़ावा देने बारे जानकारी दी जाएगी। केंद्रीय मुख्य शिक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल तकलेच बीआर चौहान ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन 23 फरवरी तक चलेगी। कार्यशाला में शिक्षकों को सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को 3 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पढ़ाने बारे अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है की स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी और नौनिहाल बच्चों को स्कूल लाने के बारे जानकारी दी जाएगी। यूकेजी और एलकेजी के बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाने बारे विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

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