प्रदेश सरकार के दूध के दाम बढ़ाने पर किसान और पशुपालकों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन दुग्ध उत्पादकों को पेमेंट के लिए 3 से 4 माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे पशु पालकों में खासी नाराजगी है। दुग्ध उत्पादक संघ इसके विरोध में 19 जनवरी को ब्लॉक स्तर पर और 2 फरवरी से दत्तनगर स्थित दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र के बाहर क्रमिक आंदोलन शुरू करेंगे। संघ ने सरकार और मिल्क फेडरेशन से दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं को दूर करने की मांग की है। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ का अधिवेशन मंगलवार को किसान मजदूर भवन चाटी में हुआ। इस अधिवेशन में रामपुर, निरमंड, आनी, नारकंडा, ननखड़ी और छतरी क्षेत्र से आए दुग्ध उत्पादकों ने भाग लिया। अधिवेशन को हिमाचल किसान सभा राज्य पूर्व महासचिव डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान ने कहा कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण दूध उत्पादन घाटे का सौदा बन रहा है। सरकार की ओर से दूध के दाम बढ़ाने से भी दुग्ध उत्पादकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूध की पेमेंट समय पर न मिलने से दूध उत्पादकों को अपना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। अभी भी तीन से चार महीने बाद पशु पालकों को दूध की पेमेंट हो रही है। इसके अलावा पशु औषधालयों में डॉक्टर न होने से गाय को समय पर टीका न लगने से गाय भी खराब हो रही है और सिमन भी खराब आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि फीड भी सोसायटियों में नहीं मिल रही है। सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए टेस्टिंग मशीन न होने से दूध उत्पादकों को दूध के उचित दाम भी नहीं मिल रहे हैं। दूध उत्पादक संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले दी जाए। सभी सोसायटियों में टेस्टिंग मशीन और फीड उपलब्ध करवाई जाए। पशु औषधालयों में डॉक्टरों के खाली पद भरे जाएं और उचित किस्म के टीके उपलब्ध करवाए जाएं। अधिवेशन में फैसला लिया गया कि दूध उत्पादकों की मांगों को लेकर 19 जनवरी को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन और 2 फरवरी को दत्तनगर में प्रदर्शन और क्रमिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर रणजीत, तुला राम, पूर्ण ठाकुर, सुभाष, काकू कश्यप, बिहारी लाल, गीता राम, विजय, हेमराज, कृष्णा राणा, शांता देवी, ऊष्मा देवी, रीना, गंगा राम, शकुंतला, निहाल चंद, करतार, प्रभा, सुलोचना, अभिषेक सहित अन्य मौजूद रहे।