उपमंडल सरकाघाट के ज्वाली में शुक्रवार को मेगा मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। मेगा मॉक ड्रिल में पंचायत पटड़ीघाट के ज्वाली गांव को चुना गया था क्योंकि यह आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र है। गत वर्ष भी यहां भूस्खलन से भारी तबाही हुई थी और पूरा गांव ही ढह गया था। अब भविष्य में ऐसा न हो तो यहां पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। नाटकीय अंदाज में यहां पर मॉकड्रिल में भूस्खलन व बादल फटने से हुई तबाही जैसा परिदृश्य बनाया गया था। सभी विभागों ने इस अभ्यास में सक्रिय तौर पर भाग लिया। आपदा की सूचना मिलते ही त्वरित कार्यवाही करते हुए एसडीएम स्वाति डोगरा ने स्वास्थ्य, पुलिस, गृह रक्षक, अग्निशमन विभाग, पटवारी व आपदा मित्रों को आपदा स्थल पर पहुचने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में राहत दल आपदा स्थल पर पहुंच गया तथा राहत कार्य शुरू किया। इस दौरान अग्निशमन विभाग, गृह रक्षक व आपदा मित्रों व टास्क फोर्स के स्वयं सेवकों ने आपदा में घायल व फसे 40 लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थल व मैडिकल कैंप पहुंचाया जिनमें 30 व्यस्क, 10 बच्चे शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग से आए डॉक्टर व कर्मियों ने घायलों का मैडिकल कैम्प में उपचार किया तथा उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचाया तथा गंभीर घायलों को बलद्वाड़ा अस्पताल भेजा गया। इस दौरान कमांड कैंप व रिलिफ कैंप भी स्थापित किया गया था। आपदा से प्रभावित लोगों को रिलिफ कैंप में उनके खानपान व उचित ठहराव की व्यवस्था की गई थी तथा उन्हें राहत साम्रगी भी दी गई। एसडीएम ने घटना स्थल का दौरा भी किया तथा कमांड कैंप से स्थिति के पल पल की खबर ली व आवश्यक कार्रवाई की। एसडीएम स्वाती डोगरा ने कहा कि यह मॉकड्रिल महत्वपूर्ण है क्योंकि आपदा की स्थिति में धरातल स्तर पर सभी विभागों में पूरी तरह समन्वय स्थापित होना अति आवश्यक है। इस दौरान विभिन्न विभागों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए उपलब्ध संसाधनों का उचित प्रयोग कर, आपदा के दौरान लोगों के जानमाल की सुरक्षा संबंधी प्रभावी कदम उठाए व लोगों की जान बचाई। लोक निर्माण विभाग द्वारा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों व अवरूद्ध सड़कों से पेड़ हटाए व वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की। इस मॉक ड्रिल में सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।