फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi: उत्तरी भारत के इकलौते प्राचीन सिद्ध गणपति मंदिर में गणेश उत्सव की धूम

उत्तरी भारत के इकलौते प्राचीन सिद्ध गणपति मंदिर मंडी में गणेश उत्सव की खासी धूम देखने को मिल रही है। यहां हर वर्ष गणेश उत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहता है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां आकर भगवान गणेश की इस दिव्य मूर्ति के दर्शन करके आशीर्वाद ले रहे हैं। मंडी के राजकीय पुरोहित एवं मंदिर के पुजारी पुष्प राज शर्मा ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण मंडी रियासत के राजा रहे राजा सिद्धसेन ने 1686 ई. में करवाया था। क्योंकि मंडी का राज परिवार बंगाल से संबंध रखता और तंत्र विद्या में अधिक विश्वास रखता था। इसलिए भगवान गणेश की इस मूर्ति को भी तंत्र सिद्धियों से स्थापित किया गया है। यह इकलौता मंदिर है जहां भगवान गणेश के गले में नाग देवता लिपटे हुए हैं। गणेश उत्सव के दौरान जो मूर्ति स्थापित करने की प्रथा चली आ रही है उसका निर्वहन यहां भी बीते करीब 34 वर्षों से किया जा रहा है। छोटी काशी में गणेश उत्सव की शुरूआत एक तरह से इसी मंदिर से हुई है। युवक मंडल सैण के सदस्य रेहान सैनी ने बताया कि उनका युवक मंडल हर वर्ष यहां भंडारे का आयोजन करता है। बुधवार को यहां भंडारे का आयोजन सामूहिक प्रयासों से किया गया। बता दें कि सिद्ध गणपति मंदिर में स्थापित मूर्ति का 6 सितंबर को ब्यास नदी के तट पर विसर्जन किया जाएगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें