हिमाचल प्रदेश सरकार की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत मंडी जिले के 11 युवाओं को ई-टैक्सी के माध्यम से स्वरोजगार का अवसर मिलने जा रहा है। इन युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए सरकार की ओर से 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही उनकी टैक्सियों को सरकारी विभागों के साथ अटैच किया जाएगा, जिसके बदले उन्हें हर महीने 60 हजार रुपये मिलेंगे। जिला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि योजना के तहत कुल 106 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की छंटनी, ड्राइविंग स्किल टेस्ट और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद 11 उम्मीदवार ई-टैक्सी खरीदने के लिए योग्य पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि चयनित युवाओं की ई-टैक्सियों को सरकारी विभागों के साथ चार वर्षों के लिए अटैच किया जाएगा। इसके लिए हर महीने 60 हजार रुपये की दर निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि के बाद समझौते को आगे बढ़ाने की संभावना भी रहेगी। इससे पहले जिले में चार ई-टैक्सियां सरकारी विभागों के साथ अटैच की जा चुकी हैं। योजना के तहत पहले से निजी ईंधन चालित टैक्सी चला रहे वाहन चालकों को भी अपनी टैक्सी को ई-टैक्सी में बदलने का अवसर दिया जा रहा है। ऐसे टैक्सी चालकों को ई-टैक्सी खरीदने के लिए सरकार की ओर से 40 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान है। जिला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान के अनुसार, अब तक ऐसे छह टैक्सी चालकों ने आवेदन किया है। उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहा गया है। आवेदन के बाद निर्धारित नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को सब्सिडी प्रदान की जाएगी। योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। इससे चयनित युवाओं को नियमित आय का अवसर मिल सकता है, जबकि मौजूदा टैक्सी चालकों को भी इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।